एक कल्पना है और उस से भी अधिक सार्थकता की कठिनाई है । दोनो का मेल मिलाप अपने आप में एक भारी समस्या है । सब कुछ मिला जुला कर जीवन सरल नहीं लगता है । आवश्यकता होती है एक ऎसी विचारधारा की जो कोइ समाधान दे सके .
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नवम्बर 10, 2007Hello world!
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